रावण के सैनिक शहर के बीच से गुजरा करते थे और राम की सेना से युद्ध करते थे। लेकिन समय के साथ इस अंश में बदलाव किए गए और अब गधों की जगह घोड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। पालकी, रथ और हाथी थी सेना का हिस्सा होते हैं। रामलीला देखने के लिए हजारों दर्शक रोजाना पहुंचते हैं लेकिन रावण वध के दिन लगभग 50 हजार दर्शक मैदान में पहुंचते हैं।