आमतौर पर रावण दशहरा के दिन जलाया जाता है लेकिन विदिशा में दो बार रावण दहन होता है। दशहरा के अलावा मकर संक्राति से शुरू होने वाली इस रामलीला के रावण की ऊंचाई 40 फीट होती है। रावण के साथ मेघनाद, कुम्भकरण, ताणका समेत अन्य राक्षसों के पुतले भी जलाए जाते हैं। यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है