इस रामलीला की खास बात यह है कि 1901 सालों से निरंतर यह रामलीला एक ही स्थान पर आयोजित हो रही है। विदिशा के स्टेडियम में रामलीला के लिए कोई विशेष मंच नहीं बनाया जाता। बल्कि यहां तीन मंजिला अयोध्या भवन और उसके ठीक सामने रावण की लंका की पक्की इमारत बनी है। रामलीला में किरदार निभाने वाले कोई थियेटर आर्टिस्ट नहीं बल्कि हमारे बीच के ही लोग हैं। जानकारी के अनुसार विगत कई सालों से रामलीला में प्रोफेसर, समाजसेवी, स्थानीय नेता, डॉक्टर और इंजीनियर भाग ले रहे हैं। यह पूरी टीम पुरूषों की है, यहां तक की सीता और अन्य महिला किरदार भी पुरूष निभाते हैं। अच्छी बात यह है कि सभी कलाकार नि:शुल्क इस लीला का हिस्सा बनते हैं, इनमें से कोई भी काम करने के लिए मानदेय नहीं लेता